यूओयू में जुलाई से शुरू होंगे पांच नए ऑनलाइन पाठ्यक्रम
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को SWAYAM प्लेटफॉर्म पर 5 नए ऑनलाइन MOOCs पाठ्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति मिली
डिजिटल शिक्षा की ओर विश्वविद्यालय एक और कदम आगे
जुलाई 2026 सत्र से होंगे प्रारम्भ, विश्वविद्यालय को मिलेगा ₹67.50 लाख का अनुदान
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को भारत सरकार के SWAYAM प्लेटफॉर्म पर 5 नए ऑनलाइन MOOCs (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज) पाठ्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। ये सभी पाठ्यक्रम जुलाई 2026 सत्र से प्रारम्भ होंगे। विश्वविद्यालय को यह स्वीकृति वाणिज्य एवं प्रबंध, शिक्षा शास्त्र, रसायन विज्ञान, पर्यटन एवं आतिथ्य तथा विकास अध्ययन विभागों के अंतर्गत प्राप्त हुई है। प्रत्येक 4 क्रेडिट पाठ्यक्रम के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा ₹13.50 लाख की अनुदान राशि स्वीकृत की जाती है। इस प्रकार विश्वविद्यालय को कुल ₹67.50 लाख का अनुदान प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय को जिन नए पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिली है, उनमें “ऑपरेशनल मैनेजमेंट ऑफ होमस्टे स्टार्ट-अप्स”, “माइक्रो फाइनेंस”, “डेवलपमेंट स्टडीज़ : इंट्रोडक्शन एंड थ्योरीज़”, “सीपीएस-3 असेसमेंट फॉर लर्निंग” तथा “बेसिक्स ऑफ एनालिटिकल लेबोरेटरी टेक्नीक्स” शामिल हैं। “ऑपरेशनल मैनेजमेंट ऑफ होमस्टे स्टार्ट-अप्स” पाठ्यक्रम का समन्वयन प्रो. गगन सिंह एवं डॉ. सुनील कुमार करेंगे, जबकि सह-समन्वयक के रूप में डॉ. मनोज कुमार पांडेय एवं सुश्री प्रिया बोरा कार्य करेंगी। “माइक्रो फाइनेंस” पाठ्यक्रम का समन्वयन प्रो. मंजरी अग्रवाल करेंगी तथा सह-समन्वयक डॉ. प्रिया महाजन एवं श्री प्रकाश भट्ट होंगे। “डेवलपमेंट स्टडीज़ : इंट्रोडक्शन एंड थ्योरीज़” पाठ्यक्रम के लिए डॉ. शालिनी चौधरी एवं डॉ. वीरेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। “सीपीएस-3 असेसमेंट फॉर लर्निंग” पाठ्यक्रम का संचालन प्रो. दिगर सिंह फर्स्वाण करेंगे, जबकि “बेसिक्स ऑफ एनालिटिकल लेबोरेटरी टेक्नीक्स” का समन्वयन डॉ. विनोद कुमार द्वारा किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में कौशल विकास, उद्यमिता, माइक्रो फाइनेंस, शिक्षा, विकास अध्ययन तथा प्रयोगशाला तकनीक जैसे समकालीन विषयों को शामिल किया गया है। विशेष रूप से “ऑपरेशनल मैनेजमेंट ऑफ होमस्टे स्टार्ट-अप्स” पाठ्यक्रम उत्तराखंड जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य में युवाओं एवं स्थानीय उद्यमियों के लिए स्वरोजगार तथा आजीविका के नए अवसर तैयार करने में सहायक माना जा रहा है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय वर्तमान में SWAYAM पोर्टल पर 12 ऑनलाइन MOOCs पाठ्यक्रमों का सफल संचालन कर रहा है। इनमें “इंट्रोडक्शन टू साइबर सिक्योरिटी”, “वेब टेक्नोलॉजी”, “डिजिटल फॉरेंसिक्स”, “माइक्रो इकोनॉमिक्स फॉर बिजनेस”, “एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स एंड डिजिटल मार्केटिंग स्ट्रेटेजीज”, “एजुकेशन टेक्नोलॉजी”, “फंडामेंटल्स ऑफ फाइनेंशियल इन्क्लूजन एंड साइबर सेफ्टी”, “एसेंशियल लाइफ स्किल्स फॉर 21st सेंचुरी लर्नर्स”, “वर्कप्लेस स्किल्स फॉर 21st सेंचुरी लर्नर्स”, “एडवांस्ड स्ट्रेटेजीज इन एनजीओ मैनेजमेंट”, “सस्टेनेबल एक्वाकल्चर : प्रैक्टिसेज, इनोवेशंस एंड मैनेजमेंट” तथा “डेवलपमेंट ऑफ ऑनलाइन कोर्सेज फॉर SWAYAM” शामिल हैं। विश्वविद्यालय के SWAYAM पाठ्यक्रमों को देश-विदेश के शिक्षार्थियों से लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। वर्ष 2025-26 के जुलाई 2025 तथा जनवरी 2026 सत्रों को मिलाकर कुल 69,771 शिक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में नामांकन किया। जनवरी 2026 सत्र में अकेले 27,617 शिक्षार्थियों ने 12 पाठ्यक्रमों में पंजीकरण कराया। अब तक विश्वविद्यालय के MOOCs पाठ्यक्रमों में कुल नामांकन संख्या 2,34,153 तक पहुंच चुकी है। विश्वविद्यालय का “इंट्रोडक्शन टू साइबर सिक्योरिटी” पाठ्यक्रम सबसे अधिक लोकप्रिय रहा है। प्रो. जीतेंद्र पांडे के समन्वयन में संचालित इस पाठ्यक्रम में अब तक 1,38,364 शिक्षार्थियों ने नामांकन किया है। जनवरी 2025 सत्र में 35 देशों तथा जुलाई 2025 सत्र में 45 देशों के शिक्षार्थियों की भागीदारी दर्ज की गई। छह सत्रों के दौरान यह पाठ्यक्रम 65 देशों तक पहुंच चुका है, जो विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक उपस्थिति को दर्शाता है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहानी ने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि SWAYAM जैसे राष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय की बढ़ती उपस्थिति डिजिटल शिक्षा, आजीवन अधिगम तथा कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भविष्य में भी रोजगारोन्मुख एवं समाजोपयोगी ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे।
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