लगभग 6 हजार की बढ़ोतरी के साथ उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश संख्या में फिर उछाल, शीतकालीन सत्र 2026 के आंकड़े उत्साहजनक
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शीतकालीन सत्र जनवरी 2026 के दौरान प्रवेश संख्या में एक बार फिर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष विश्वविद्यालय में कुल प्रवेश संख्या 39,436 तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 2025 के 33,501 के मुकाबले लगभग 6,000 अधिक है। नए प्रवेशों की संख्या भी बढ़कर 6,608 हो गई है, जो पिछले शीतकालीन सत्र 2025 में 5,358 थी।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जहां प्रवेश संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी, वहीं 2026 में यह रुझान पुनः सकारात्मक दिशा में बदल गया है। वर्ष 2021 से 2024 तक लगातार वृद्धि के बाद आई गिरावट अब समाप्त होती दिखाई दे रही है और प्रवेश संख्या में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है।
जनवरी 2025: कुल 33,501 | नए 5,358
जनवरी 2026: कुल 39,436 | नए 6,608
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2025 की गिरावट के बाद 2026 में प्रवेश संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जो दूरस्थ शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास और विश्वविद्यालय की सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी जी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसका श्रेय विश्वविद्यालय परिवार, अध्ययन केंद्रों, क्षेत्रीय कार्यालयों, क्षेत्रीय निदेशकों, सहायक क्षेत्रीय निदेशकों, समन्वयकों, संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों तथा मीडिया को दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यालय से लेकर अध्ययन केंद्रों तक किए गए सतत प्रयास, भौतिक संपर्क अभियान तथा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार का यह सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में दूरस्थ शिक्षा के प्रति लोगों का रुझान निरंतर बढ़ रहा है और विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वर्तमान में विश्वविद्यालय में 14 विद्याशाखाओं के अंतर्गत 100 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश एवं देशभर के विद्यार्थियों को लचीली, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है।
ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय ने वर्तमान सत्र में दूरस्थ शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए राज्यभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान विभिन्न मेलों और बड़े आयोजनों में विश्वविद्यालय के स्टॉल लगाए गए तथा निशुल्क पुस्तक वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित की गईं।