उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में माइंडफुलनेस पर कार्यशाला, मानसिक स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में माइंडफुलनेस पर कार्यशाला, मानसिक स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर
/ March 13, 2026
Submitted by
pawankumar
on March 13, 2026
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में समाज विज्ञान विद्याशाखा के मनोविज्ञान विभाग द्वारा “आनंद: ए जर्नी टू योर इनर जॉय” विषय पर माइंडफुलनेस विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली के लिए सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) एवं एंटी ड्रग सेल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के आचार्य, सह-आचार्य, सहायक आचार्य, प्रशासनिक स्टाफ, शोधार्थियों तथा शिक्षार्थियों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रोफेसर मधुलता नयाल, विभागाध्यक्ष, एस.एस.जे. विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा रहीं। उन्होंने माइंडफुलनेस की अवधारणा, मानसिक स्वास्थ्य के कारणों तथा उनके समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को तनावमुक्त जीवन के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी जी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक, आधुनिकीकरण और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माइंडफुलनेस जैसे अभ्यास व्यक्ति को आंतरिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के आरंभ में मनोविज्ञान विभाग की ओर से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जानकारी दी गई तथा कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। कार्यशाला के दौरान सामूहिक गतिविधियों, विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने माइंडफुलनेस की तकनीकों को समझा और अनुभव साझा किए।
अंत में प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।