कुमाऊं विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीच एमओयू, डी.एस.बी. परिसर नैनीताल बना यूओयू का अध्ययन केंद्र
नैनीताल। उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से कुमाऊं विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस समझौते के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय का डी.एस.बी. परिसर, नैनीताल अब उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र बन गया है।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को दोहरी उपाधि में जाने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी। प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने मुक्त विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपाधियों, व्यावसायिक तथा कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तृत परिचय दिया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों के जुड़ने से प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व परिवर्तन की संभावना है।
एमओयू पर हस्ताक्षर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. खेम राज भट्ट और कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. एम. एस. मंन्द्रवाल ने किए। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति, मुक्त विश्वविद्यालय के निदेशक क्षेत्रीय सेवाएं प्रो. गिरिजा पाण्डेय और सहायक क्षेत्रीय निदेशक रेखा बिष्ट भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की पहल पर पिछले 20 साल में पहली बार कुमाऊं विश्वविद्यालय को अध्ययन केंद्र का दर्जा मिला है। इस एमओयू से विद्यार्थियों को न केवल उच्च शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे बल्कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग और भी मजबूत होगा।
इस एमओयू से दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
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