- पत्रकारिता एवंजनसंचार
- पत्रकारिता एकपरिचय
- भारत में इलेक्ट्रॉनिक एवं न्यू मीडिया
- उत्तराखण्ड मेंपत्रकारिता का विकास
- प्रो. रयाल द्वारा 6 अंतरराष्ट्रीय- 14 राष्ट्रीय स्तर के शोध पत्र प्रकाशित किये गये हैं।
- विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा के अंतर्गत विभिन्नकार्यक्रमों के लिए 32 अध्याय लिखे, तथा 42 अध्यायों का संपादन किया।
- प्रो. रयाल द्वारा पूर्व में विद्याशाखा के अंतर्गत स्नातकोत्तर डिप्लोमा पीजीडीजेएमसी, पीजीडीएपीआर, पीजीडीबीजेएनएम एवं प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम सीएमएम (मास मीडिया में प्रमाण पत्र) का निर्माण एवं संपादन किया गया तथा वर्तमान में न्यू मीडिया में डिप्लोमा कार्यक्रम डीजेएनएम24 (डिप्लोमा इन जर्नेलिज्म एंड न्यू मीडिया) प्रारम्भ किया गया है।
- संपादक के रूप विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित त्रैमासिकपत्रिका 'उड़ान' का संपादन।
- विश्वविद्यालय द्वारा संचालित 'हैल्लोहल्द्वानी' 91.2 एफ.एम., सामुदायिक रेडियो में रेडियो प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी का निर्वहन।
- विश्वविद्यालय की प्रचार - प्रसार यूनिट के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारीका निर्वहन।
- विश्वविद्यालय के जनसंपर्क यूनिट के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारीका निर्वहन।
- स्थानीय भाषा को बढावा देने को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा की गई पहल के अंतर्गत गढ़वाली भाषा में संचालित प्रमाण पत्र कार्यक्रम (सीजीएल 21) शुरू किया तथा कार्यक्रम समन्वयक के रूप में जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
