उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित
हल्द्वानी, 07 मई 2026।
क्षेत्रीय सेवा निदेशालय, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी द्वारा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार, दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने तथा अध्ययन केन्द्रों के सुचारु संचालन के उद्देश्य से विश्वविद्यालय मुख्यालय हल्द्वानी में “क्षमता वर्धन कार्यशाला” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा और कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए क्षेत्रीय सेवा निदेशालय की निदेशक प्रोफेसर गिरिजा पाण्डेय ने नई शिक्षा नीति, “अर्न व्हाइल यू लर्न” योजना तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की वर्तमान समय में बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा व्यवस्था में भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला केवल शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड के सामाजिक एवं शैक्षिक विकास से भी जुड़ी हुई पहल है। उन्होंने डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुँचाने में विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे कार्यों की चर्चा की।
कुलपति प्रोफेसर नवीन चन्द्र लोहनी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इग्नू के बाद देश के राज्य मुक्त विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक शैक्षणिक कार्यक्रम उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में लगातार नामांकन वृद्धि हो रही है तथा 12 MOOCs पाठ्यक्रमों में लगभग 70 हजार शिक्षार्थियों ने पंजीकरण किया है। उन्होंने 61 देशों के विद्यार्थियों की सहभागिता, कोरिया एवं क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ प्रस्तावित शैक्षणिक समझौतों, आपदा प्रबंधन, भाषाओं एवं पर्यटन आधारित नए पाठ्यक्रमों तथा विश्वविद्यालय की सुदृढ़ परीक्षा प्रणाली एवं आईसीटी क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख किया।
कुलसचिव डॉ.खेमराज भट्ट ने सभी अतिथियों तथा सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय सेवायें निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक प्रो. एम. एम. जोशी ने किया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुभागों की प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की गई। डॉ. सुमित प्रसाद ने प्रवेश प्रक्रिया एवं शुल्क जमा प्रणाली से संबंधित जानकारी दी। एमपीडीडी निदेशक पी.डी. पंत ने अध्ययन सामग्री वितरण व्यवस्था एवं उससे संबंधित समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराया। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सोमेश कुमार ने परीक्षा प्रणाली तथा क्षेत्रीय केन्द्रों की भूमिका की जानकारी साझा की।
क्षेत्रीय सेवा निदेशालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री पी.एस. परिहार ने विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध सेवाओं एवं अध्ययन केन्द्रों की बिल भुगतान प्रक्रिया की जानकारी दी। पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विभागाध्यक्ष एवं प्रचार-प्रसार अनुभाग के प्रभारी प्रोफेसर राकेश चन्द्र रयाल ने विश्वविद्यालय एवं अध्ययन केन्द्रों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया रणनीति, ब्लॉग एवं व्लॉग के माध्यम से नामांकन वृद्धि की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। वहीं डॉ. विनोद कुमार ने कार्यशालाओं, विज्ञान विषयों तथा अध्ययन केन्द्रों से संबंधित विद्यार्थियों की समस्याओं एवं उनके समाधान पर अपने विचार रखे।
कार्यशाला में कुमाऊँ क्षेत्र के तीनों क्षेत्रीय निदेशालयों से अध्ययन केन्द्र समन्वयकों, सहायक समन्वयकों, क्षेत्रीय निदेशकों एवं सहायक क्षेत्रीय निदेशकों सहित लगभग 48 अध्ययन केन्द्रों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में अध्ययन केन्द्रों को अधिक सशक्त, सक्रिय एवं शिक्षार्थी-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर एवं सुझाव सत्र में प्रतिभागियों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर अपने सुझाव साझा किए।
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