उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और एरीज के बीच ऐतिहासिक करार, जलवायु परिवर्तन शोध को मिलेगी नई दिशा
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और एरीज के बीच ऐतिहासिक करार, जलवायु परिवर्तन शोध को मिलेगी नई दिशा
विवि को विज्ञान और जलवायु परिवर्तन का वैश्विक केन्द्र बनाना है करार का उद्देश्य-डॉ. नजा
एरीज के साथ करार से विज्ञान और पर्यावरण शोध में नई ऊंचाइयां छुएगा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय- प्रो. लोहनी
वायुमंडल और क्लाइमेट पैरामीटर्स को समझने के लिए हल्द्वानी सबसे 'बेस्ट लोकेशन' है। पहाड़ों में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के असर को समझने के लिए यह शहर एक व्यावहारिक प्रयोगशाला की तरह है । एरीज का एक सेंटर हल्द्वानी में प्रस्तावित है, लेकिन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के साथ हुए इस समझौते ने हमें तत्काल काम शुरू करने के लिए एक मजबूत आधार और जमीन मुहैया करा दी है। यह कहना है आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के निदेशक प्रोफेसर मनीष नजा का । यह बात उन्होंने बुधवार को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) और एरीज के बीच हुए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में शोध का एक वैश्विक केंद्र बनाना है। इस दौरान प्रो. नजा ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के भौतिकी, भूगोल और पर्यावरण विज्ञान जैसे विभागों के साथ मिलकर एरीज अब उन 'ओवरलैपिंग' शोध परियोजनाओं पर तत्काल काम शुरू कर सकेगा, जो अब तक केवल प्रस्तावित थीं। विवि के साथ इस तालमेल से अब विज्ञान और शोध की पहुँच सीधे शिक्षार्थियों और आम जनमानस तक हो सकेगी। इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि एरीज जैसे विश्वस्तरीय संस्थान के साथ करार होने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बढ़ी है। उन्होंने कहा, इसका सीधा लाभ हमारे उन शिक्षार्थियों को मिलेगा जो दूर-दराज के क्षेत्रों में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हम एरीज के विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऐसे नए पाठ्यक्रम तैयार करेंगे जिन्हें एरीज सर्टिफाई करेगा। इसके अलावा, हमारे रेडियो हैलो हल्द्वानी के माध्यम से वैज्ञानिकों के व्याख्यान सीधे उन लोगों तक पहुँचेंगे जो पर्यावरण परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इस अवसर पर मानविकी विद्याशाखा के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने कहा कि एस्ट्रोफिजिक्स और क्लाइमेट साइंस के संस्थान के साथ यह गठबंधन विवि के लिए मील का पत्थर साबित होगा । कार्यक्रम के अंत में दोनों संस्थानों ने एमओयू (MoU) के दस्तावेज साझा किए। इस अवसर पर एरीज से कुलसचिव मोहित जोशी और वरिष्ठ वैज्ञानिक सोमेश भट्टाचार्य उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. डिगर सिंह फर्स्वाण, प्रो. गगन सिंह, प्रो. अरविंद भट्ट और प्रो. राकेश चंद्र रयाल मौजूद रहे।
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