*उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव कुंडेश्वरी, काशीपुर में जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित*
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव कुंडेश्वरी में 26 मई 2026 को ग्राम प्रधान श्रीमती पायल चौधरी के निवास स्थान पर एक जागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एआरडी हल्द्वानी की रेखा बिष्ट द्वारा की गई। उन्होंने विश्वविद्यालय की ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
द्वितीय सत्र में वाणिज्य विभाग के डॉ. गगन सिंह ने “वित्तीय जागरूकता” विषय पर व्याख्यान दिया। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, साइबर सुरक्षा, बीमा, पेंशन योजनाओं एवं बचत के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि ग्रामीण समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त बने और आधुनिक वित्तीय साधनों का सुरक्षित उपयोग कर सके। इस पहल को विश्वविद्यालय का APP FINBODH भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके माध्यम से नागरिकों को सरल और सुलभ जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नियमित बचत और वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर बल दिया।
तृतीय सत्र में गृह विज्ञान विभाग की डॉ. दीपिका वर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं जागरूकता विषय पर जानकारी साझा की। उन्होंने संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव, स्वच्छता तथा महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान गांव की महिलाओं को सेनेटरी पैड भी वितरित किए गए, जिससे महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग की डॉ. बीना फुलारा ने “बेहतर कृषि सिंचाई, प्राकृतिक जलागम प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन” विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, वर्षा जल संचयन तथा मिट्टी की नमी बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही चेक डैम, जल संचयन तालाब एवं कंटूर बंडिंग जैसी संरचनाओं के महत्व को भी बताया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इन प्रयासों से सिंचाई की समस्या कम हुई है और खेती में सुधार आया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल भविष्य में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल बन सकती है।
अंतिम सत्र में डॉ महिपाल सिंह, समन्वयक श्री राधे हरि स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की महत्वता तथा इसके द्वारा चलाए जा रहे स्नातकोत्तर स्नातक डिप्लोमा सर्टिफिकेट आदि पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने दोहरी डिग्री प्राप्त करने की विधि भी बतायी ।
कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं गांव के स्थानीय लोगों द्वारा गांव क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया गया।
उपरोक्त कार्यक्रम में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी के साथ समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम में किसान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिला पंचायत सदस्य, अध्ययन केंद्रों के छात्र-छात्राएं, किसान, महिलाएं तथा युवा वर्ग ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा 215 निःशुल्क पुस्तकों का वितरण भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को शैक्षिक एवं ज्ञानवर्धक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान, कुंडेश्वरी श्रीमती पायल चौधरी तथा श्री यश चौधरी का विशेष सहयोग रहा। विश्वविद्यालय परिवार ने ग्राम प्रधान एवं सभी ग्रामीणों का सहयोग एवं सहभागिता के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।