UOU के SWAYAM MOOCs का लाभ अब श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी मिलेगा
हल्द्वानी, 27 जून 2026। आज उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विकसित MOOCs के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति और श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति उपस्थित रहे। बैठक में यह चर्चा हुई कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा SWAYAM प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध MOOCs का उपयोग श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विकसित पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान में SWAYAM प्लेटफॉर्म पर 12 MOOCs उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में साइबर सुरक्षा, वेब टेक्नोलॉजी, डिजिटल फॉरेंसिक, शिक्षा तकनीकी, उद्यमिता, डिजिटल मार्केटिंग, जीवन कौशल, कार्यस्थल कौशल, वित्तीय समावेशन और साइबर सुरक्षा, NGO प्रबंधन, माइक्रो-इकोनॉमिक्स तथा सस्टेनेबल एक्वाकल्चर जैसे विषय शामिल हैं। जनवरी 2026 सत्र में इन पाठ्यक्रमों में 27,617 नामांकन हुए हैं। जुलाई 2025 सत्र में 42,154 नामांकन हुए थे। मार्च 2026 तक UOU के SWAYAM MOOCs में कुल 2,34,153 नामांकन दर्ज किए गए हैं।
विश्वविद्यालय को 5 नए MOOCs भी स्वीकृत हुए हैं। जुलाई 2026 से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय कुल 17 MOOCs SWAYAM प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही UOU के शिक्षक श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के शिक्षकों को SWAYAM MOOCs के उपयोग, विद्यार्थी मार्गदर्शन और ऑनलाइन पाठ्यक्रम संचालन से संबंधित प्रशिक्षण भी देंगे।
इस पहल से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ेगा। इससे विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से उनकी सीखने की सुविधा मजबूत होगी।
बैठक में प्रो. Girija Pande, प्रो. P. D. Pant, प्रो. Jeetendra Pande, प्रो. M. M. Joshi, प्रो. D. S. Fharswan, प्रो. P. K. Sehgal, प्रो. Manjari Agarwal, डॉ. Virendra Singh, डॉ. Kalpana Patni Lakhera और डॉ. Shalini Chaudhary उपस्थित रहे।