लोक-पर्व फूल-देई का क्या महत्त्व है?
फूल-देई का त्यौहार अलग अलग क्षेत्रों में कब मनाया जाता है?
लोक-पर्व किस तरह से हमारे सामाजिक जीवन को प्रभावित करते हैं?
ये लोक त्यौहार कैसे हमें पर्यावरण से जोड़ते हैं?
हम किस तरह से अपने सामाजिक जीवन और पर्यावरण को संभल सकते हैं?
इन सवालों के जवाब जानिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक प्रोफ़ेसर ड़ो० राजेंद्र कैड़ा से.
और कार्यक्रम हमारे पहाड़ में आपसे बात की अनिल नैलवाल ने.
Humare Pahad-Phool Deiee Dr. Rajendra Kaira by Anil Nailwal.mp3

