उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने मणिगुह गांव में आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने मणिगुह गांव में आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम
/ June 11, 2026
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pawankumar
on June 11, 2026
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने मणिगुह गांव में आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम
कर्णप्रयाग/ अगस्त्यमुनि/ मणिगुह : उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के कर्णप्रयाग क्षेत्रीय केंद्र द्वारा गोद लिए गए ग्राम मणिगुह में दिनांक १० जून २०२६ को पंचायत घर में एक विशाल जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान श्री माणिक लाल जी द्वारा की गई । कार्यक्रम में ग्रामीणों, युवाओं एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर ग्राम प्रधान श्री माणिक लाल तथा पुस्तकालय संचालक श्री महेश नेगी द्वारा विश्वविद्यालय से आए प्रतिनिधियो का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक प्रियंका लोहानी ने विश्वविद्यालय की "गोद लिए गए गांव" की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों एवं सर्वेक्षणों का संचालन करेगा। उन्होंने कहा कि “शिक्षा हर समस्या और हर मुसीबत का सबसे प्रभावी समाधान है। शिक्षित समाज ही समृद्ध और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करता है।”
विश्वविद्यालय के मानविकी विद्याशाखा के निदेशक , प्रोफेसर गिरीजा पांडेय ने ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक प्रमाणपत्र एवं डिग्री पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।प्रो पांडेय द्वारा अंगीकृत किए गए गांवों हेतु विश्वविद्यालय के उद्देश्यों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई । उत्तराखंड में पूर्व में आदर्श ग्राम बन चुके कई गाँवों के विकास मॉडल को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया और मणिगुह गाँव में उपलब्ध संसाधनों की भी उपयोगिता बतायी ।
साथ ही प्रो पांडेय ने विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने असिस्टेंट होम स्टे मैनेजर पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी भी दी । ग्रामीणों को इस हेतु प्रेरित भी की वे गाँव में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का कार्य कर सकते हैं ।
डॉ एस. एन. ओझा द्वारा गांव की जैवविविधिता पर ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित कर कृषि संबंधी जानकारी ग्राम वासियों को देते हुए प्राकर्तिक सम्पदा क़े संरक्षण तथा सतत उपयोग पर प्रकाश डाला । डॉ ओझा द्वारा गाँव में पाए जाने वाले कई औषधीय पौधों की जानकारी और उनके विपणन संबंधी जानकारियाँ उपलब्ध करवाई गई तथा ग्राम वासियों को जैवविविधता पब्लिक रजिस्टर (पी. बी. आर.) से अवगत कराते हुऐ गांव के विकास में प्रगतिशील किसानों की भूमिका पर जोर दिया l
ग्राम प्रधान व अन्य उपस्थितों के द्वारा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा एवं सामाजिक उन्नति के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम प्रधान ने सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने का आग्रह किया।
यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण विकास, महिला जागरूकता, कृषि उन्नयन एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।