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बौंगाणी भाषा जो कि उत्तरकाशी के सुदूर बौंगाण क्षेत्र की भाषा है, की आवाज एक कार्यक्रम के रूप में पहली बार रेडियो तरंगों पर सुनी गई । उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो "हैलो हल्द्वानी" ने अपनी भाषाई प्रतिबद्दता को निभाते हुए बौंगाणी क्षेत्र के रचनाकारों के काव्य पाठ वाले इस कार्यक्रम को रेडियो में बड़े हर्ष और गर्व के साथ स्थान दिया। इसके प्रसारण का दिन 26 फरवरी 2026 बहुत खास था इस मायने में कि यह दिन बौंगाणी भाषा के पहले लेखक श्री सुरेन्द्र सिंह रावत सुराह के जन्म के 100 साल पूरे होने का दिन भी था. तो उनकी जन्मशताब्दी के इस अवसर पर बौंगाणी भाषा को व्यवहार में लाने के लिए तरह-तरह के नवाचार करने वाले शुबा की पहल पर ये काव्य पाठ रेडियो के लिए भेजा गया...और रेडियो ऐप के जरिये इस कार्यक्रम को देहरादून में आयोजित बौगाणी भाषा की एक बैठक में लोगों द्वारा सामूहिक रूप से सुना भी गया।
Audio file

Bhasha- Baungani poetry.mp3

Participants
Baungani Poets
Language
Garhwali
Format
Feature