उर्दू की जिन मसनवियों को क़ुबूल ए आम शोहरत ए दवाम की सनद हासिल हुई, उनमे दया शंकर नसीम भी सरे फेहरिस्त है। इस मसनवी की कहानी इश्क़िया है जो क़िस्सा गुल बकावली के नाम से भी मशहूर है। पंडित दया शंकर नसीम की इश्क़िया मसनवी "गुलज़ार ए नसीम" के क़िस्से को संक्षिप्त में बता रहे हैं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर शहपर शरीफ़। मुलाहिज़ा फ़रमाइये
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