एक दाना दो वो अनेक दाने देगी अन्न के, एक बीज दो वह विशाल वृक्ष सृजेगी घनी छाया और फल के, एक कुंआ खोदो वो जल देगी शीतल अनेक समय तक अनेक लोगों को तृप्त करती धरती को कुछ भी दो वह और बड़ा दोहरा तिहरा करके लौटाएगी, धरती ने बनाया जीवन सरस रहने सहने और प्रेम करने लायक स्त्रियां क्या धरती जैसी होती हैं ..ये बानगी है राकेश रेणु की कविताओं की... ऐसी ही आला दर्जे की बेहद उम्दा कविताएं आप तक पहुंचाने के लिए लेकर आए हैं कार्यक्रम कविता संसार। हिंदी कविता की चार शख्सियतें मदन कश्यप, देवशंकर नवीन, उपेन्द्र कुमार व राकेश रेणु की बेहतरीन कविताओं को उन्हीं की जुबानी आप सुन पाएंगे आज के इस एपिसोड में। साथ ही कार्यक्रम के संचालक कुमार मंगलम जो कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में असिसटेंट प्रोफेसर हैं की कविताओं से भी आप रुबरू होंगे.
Samkaleen kavita with Kumar mangalam .mp3

