समकालीन कविता क्या है, दशक दर दशक क्या बदलाव कविता में आए हैं, कविता ने बदलते समय को समाज को राजनीति को किस तरह से दर्ज किया है बहुत विस्तार से बता रहे हैं हिंदी कविता के चार नामचीन चेहरे। प्रो.देव शंकर नवीन जो कि भारतीय भाषा केन्द्र जेएनयू में प्रोफेसर हैं सुपरिचित आलोचक हैं, मदन कश्यप जो कि वरिष्ठ कवि हैं अपना ही देश, कुरूज, पनसोखा है इन्द्रधनुष, दूर तक चुप्पी कविता संग्रह अभी तक आपके आए हैं। कवि व सेवानिवृत अधिकारी उपेन्द्र कुमार जिनका वायुपुरुष इन्द्रधनुष अभी तक प्रकाशित हुआ है। और हिंदी की प्रतिष्ठित पत्रिका आजकल के संपादक राकेश रेणु। इनसे बात की है हिंदी विभाग में असिसटेंट प्रोफेसर कमार मंगलम ने।
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