गणित सीखने के लिए गणितीय भावना का होना जरूरी है। ज्यादा व कम की भावनाएं भी गणितीय भावनाएं हैं कैसे, कब व क्यों हो रहा है ये सवाल जब तक बच्चों के भीतर नहीं पैदा होगें तब तक वह गणित नहीं समझ सकता हैं। ये कहना है डा. अरविंद भट्ट का जो कि उत्तराखंड मुक्त विवि में गणित विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। नव वर्ष के मौके पर उन्होंने ये संदेश दिया। साथ में वनस्पति विज्ञान में एससिटेंट प्रोफेसर डा. सरस्वती नंदन ओझा व शिक्षा विभाग में एसिसटेंट प्रोफेसर डा. दिनेश चन्द्र कांडपाल ने भी बेहतरीन संदेश दिये। आईये सुनते हैं आपके अपने रेडियो हैलो हल्द्वानी में ये संदेश
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