आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (सीआईक्यूए)
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आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (सीआईक्यूए) की स्थापना का उद्देश्य मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम प्रणाली में उच्च शिक्षा के उच्च गुणवत्ता वाले कार्यक्रम प्रदान करने हेतु एक व्यापक एवं गतिशील आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली का विकास एवं स्थापना करना है। इसके कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- शिक्षार्थियों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं में गुणवत्ता का संरक्षण।
- उच्च शिक्षा संस्थान के सम्पूर्ण संचालन में सतत सुधार सुनिश्चित करना।
- उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा गुणवत्ता बनाए रखने हेतु प्रमुख क्षेत्रों की पहचान।
- गुणवत्ता आश्वासन संबंधी सूचना का प्रसार।
- उच्च शिक्षा संस्थान के विभिन्न विभागों, केंद्रों या विद्यालयों से संवाद एवं प्रतिपुष्टि प्राप्त करने हेतु तंत्रों का निर्माण।
- उच्च शिक्षा संस्थान के प्राधिकारियों को गुणात्मक सुधार हेतु उपायों का सुझाव।
- नियमित अनुशीलन के माध्यम से अपनी अनुशंसाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
- गुणवत्ता सुधार प्रक्रियाओं में समस्त हितधारकों—शिक्षार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों, समाज, नियोजकों एवं सरकार—की सहभागिता सुनिश्चित करना।
- कार्यक्रम परियोजना प्रतिवेदन तैयार करना एवं कार्यक्रम का प्रारंभ सुनिश्चित करना।
- कार्यक्रम की गुणवत्ता संबंधी सटीक, पूर्ण एवं विश्वसनीय सांख्यिकी का संग्रहण, संकलन एवं प्रसार।
उक्त उद्देश्यों की पूर्ति हेतु आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र निम्नलिखित करेगा—
- आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों एवं दिशानिर्देशों तथा जहाँ आवश्यक हो वहाँ कार्यक्रम पर नियंत्रण रखने वाली समुचित नियामक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रत्येक कार्यक्रम हेतु कार्यक्रम परियोजना प्रतिवेदन तैयार करना;
- कार्यक्रम के प्रारंभ से पूर्व उच्च शिक्षा संस्थान एवं आयोग के समुचित प्राधिकारी से कार्यक्रम परियोजना प्रतिवेदन का अनुमोदन प्राप्त करना;
- स्व-अध्ययन सामग्री (एसएलएम) के विकास, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का एकीकरण, अधिगम केंद्रों की स्थापना तथा मूल संस्थान एवं संबंधित नियामक प्राधिकारियों के साथ समन्वय की देखरेख करना;
- कार्यक्रम परियोजना प्रतिवेदनों के उचित कार्यान्वयन हेतु अनुशीलन तंत्र स्थापित करना;
- उच्च शिक्षा संस्थान स्तर पर गुणवत्ता स्तर वृद्धि हेतु वार्षिक योजनाओं का प्रतिपादन एवं उनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना;
- गुणवत्ता संबंधी संस्थागत प्रक्रियाओं हेतु विद्यार्थियों, नियोजकों एवं अन्य हितधारकों से प्रतिपुष्टि प्रतिक्रियाओं का प्रबंध करना;
- उच्च शिक्षा संस्थान के विभिन्न शैक्षिक एवं प्रशासनिक क्रियाकलापों हेतु गुणवत्ता मापदंडों या परिमापों का विकास करना;
- विभिन्न गुणवत्ता मापदंडों, परिमापों एवं सर्वोत्तम प्रक्रियाओं संबंधी सूचना अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों से प्राप्त करना;
- गुणवत्ता संबंधी विषयों पर कार्यशालाओं या संगोष्ठियों का आयोजन एवं उच्च शिक्षा संस्थानवार ऐसी क्रियाकलापों की कार्यवाही का प्रसार करना;
- कार्यक्रमों का पुनर्संरचना सुझाना ताकि वे रोजगार बाजार के अनुरूप बनें;
- शिक्षार्थी सेवाओं में गुणवत्ता वृद्धि लाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में नवाचारी प्रक्रियाओं का विकास एवं कार्यान्वयन करना;
- संस्थानकेंद्रित वातावरण के स्थान पर शिक्षार्थीकेंद्रित वातावरण का सृजन करना;
- संकाय एवं कर्मचारियों में सृजनात्मकता एवं नवाचार की संस्कृति का पोषण करना;
- आवर्ती मान्यता एवं लेखापरीक्षा के माध्यम से गुणवत्ता वृद्धि प्रक्रियाओं का आंतरिकरण एवं संस्थागतीकरण सुनिश्चित करने हेतु उपाय ग्रहण करना;
- सम्पूर्ण प्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन लाने हेतु प्रणाली आधारित शोध का संचालन या प्रोत्साहन करना;
- गुणवत्ता संबंधी विभिन्न मुद्दों या दिशानिर्देशों हेतु उच्च शिक्षा संस्थान एवं आयोग के मध्य समन्वय करना;
- गुणवत्ता आश्वासन संबंधी की गई क्रियाकलापों का वार्षिक प्रतिवेदन रूप में अभिलेखीकरण करना; तथा
- उच्च शिक्षा संस्थान की मान्यता एवं मान्यता प्राप्ति हेतु समन्वय करना।
समस्त उच्च शिक्षा संस्थानों हेतु अनिवार्य होगा कि वे वित्तीय वर्ष के दौरान आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र द्वारा की गई क्रियाकलापों संबंधी वार्षिक प्रतिवेदन अपने वैधानिक प्राधिकारियों या निकायों को प्रस्तुत करें।
मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम प्रणाली में कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले समस्त उच्च शिक्षा संस्थानों में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र की स्थापना की जाएगी तथा इसका संचालन पूर्णकालिक निदेशक द्वारा किया जाएगा, जो प्रोफेसर के पद के समकक्ष वरिष्ठ विद्वान होगा, जिसे पर्याप्त संख्या में शैक्षिक एवं अन्य कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त होगा।
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति का गठन किया जाना चाहिए जो अपने निदेशक की अध्यक्षता में होगी तथा जिसमें उच्च शिक्षा संस्थान के विभिन्न कार्यों या विभागों से नामित शैक्षिक कर्मचारी एवं आंतरिक गुणवत्ता लेखाकार शामिल होंगे। यह समिति निम्नलिखित कार्य करेगी:
- उच्च शिक्षा संस्थान के दृष्टिकोण एवं मिशन के अनुरूप कार्यक्रम विकास पद्धति एवं कार्यक्रम वितरण तंत्र हेतु नीतियों का निर्णय करना;
- समिति को भेजे गए कार्यक्रम विकास, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप एवं कार्यान्वयन, अधिगम एवं शिक्षण, सहयोग संबंधी किसी भी मुद्दे पर परामर्श देना;
- शैक्षिक अनुमोदन एवं संबंधित संशोधन प्रक्रियाओं की देखरेख करना तथा यह सुनिश्चित करना कि कार्यक्रम मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम शिक्षा दर्शन के अनुसार पुरस्कार के प्रकार एवं स्तर के अनुरूप निर्धारित डिजाइन आवश्यकताओं एवं शैक्षिक मानदंडों को संतुष्ट करें;
- उच्च शिक्षा संस्थान, क्षेत्रीय केंद्रों एवं अध्ययन केंद्रों या अधिगम सहायता केंद्रों के शैक्षिक एवं प्रशासनिक क्रियाकलापों का स्वचालन संवर्धन करना;
- आत्म-मूल्यांकन एवं अनुशीलन प्रणालियों की प्रभावकारिता की देखरेख एवं प्रतिवेदन करना;
- अपने अंतरिक प्रक्रियाओं, शिक्षार्थी सहायता केंद्रों, मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम कार्यक्रमों आदि की वैधिकरण एवं वार्षिक समीक्षा हेतु बाह्य विषय विशेषज्ञों, एजेंसियों या संगठनों की नियुक्ति करना;
- कार्यक्रमकी गुणवत्ता लेखापरीक्षा हेतु तृतीय पक्ष लेखापरीक्षा निकायों की नियुक्ति करना;
- उच्च शिक्षा संस्थान की ओर से मूल्यांकन एवं मान्यता प्राप्ति एजेंसियों को प्रस्तुत आत्म-मूल्यांकन प्रतिवेदन का अनुमोदन करना;
- मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम शिक्षा एवं उसमें शोध की गुणवत्ता वृद्धि हेतु सहयोग एवं संबद्धता का संवर्धन करना; तथा
- शिक्षार्थियों को अनुभव प्रदान करने हेतु औद्योगिक सहभागिता एवं उद्योग-संस्थान संपर्क का प्रोत्साहन करना।
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क्र.सं. |
नाम |
पदनाम |
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1. |
प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे |
निदेशक |
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2. |
प्रो. गगन सिंह |
अतिरिक्त निदेशक |
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3. |
श्री त्रिलोक सिंह गढिया |
सदस्य |
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4. |
श्रीमती रति डोगरा |
सदस्य |
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5. |
श्रीमती कंचन बिष्ट |
सदस्य |
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र के आंतरिक समिति सदस्य
- प्रो. पी. डी. पंत
- प्रो. डिगर सिंह
- प्रो. प्रवेश कुमार सहगल
- प्रो. अशुतोष भट्ट
- डॉ. भानु जोशी
- डॉ. नीरजा सिंह
- डॉ. सुचित्रा अवस्थी
- CEMCA द्वारा यूओयू की सर्वोत्तम प्रथाओं की मान्यता
- वर्चुअल लैब्स पर क्षमता निर्माण कार्यशाला, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय
- पहल के प्रभाव पर स्थिति रिपोर्ट
- यूओयू के शिक्षकों एवं प्रशासकों के लिए मूडल पर कार्यशाला रिपोर्ट
- कार्यक्रम रूपरेखा: इंटरएक्टिव वर्चुअल प्रयोगों के माध्यम से एल्गोरिदम का शिक्षण एवं अधिगम
- USERC कार्यशाला रिपोर्ट
- शैक्षणिक परामर्शदाताओं के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम की कार्यशाला रिपोर्ट
- एफडीपी की रिपोर्ट
- “प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षार्थियों तक पहुँचना एवं शिक्षण” विषय पर कार्यशाला की रिपोर्ट
- COL (2017). कॉमनवेल्थ में मुक्त विश्वविद्यालय: एक दृष्टि में. बर्नाबी: COL
- एफडीपी पीपीटी
- व्याख्यान कार्यक्रम की रिपोर्ट: ‘शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्ता संवर्धन के उपाय’
हैलो हल्द्वानी 

