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उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय और कोरिया नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के बीच हुआ शैक्षणिक सहयोग समझौता

Prachar Prasar
हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) ने अपनी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हुए दक्षिण कोरिया की प्रतिष्ठित Korea National Open University (केएनओयू) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा, वर्चुअल लर्निंग, शोध सहयोग, शिक्षार्थी सहायता प्रणाली तथा गुणवत्ता आश्वासन के क्षेत्रों में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करेगा। वर्ष 1972 में स्थापित कोरिया नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी दूरस्थ उच्च शिक्षा एवं आजीवन शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी संस्थानों में से एक है। वहीं उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय राज्य के दूरस्थ, पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत है। ऐसे में यह साझेदारी दोनों संस्थानों के अनुभवों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बनेगी। समझौते के तहत अकादमिक एवं मानव संसाधन विकास, शैक्षिक सामग्री के आदान-प्रदान, वर्चुअल लर्निंग कंटेंट के विकास एवं प्रसार, संयुक्त शोध परियोजनाओं, कार्यशालाओं, सेमिनारों, सम्मेलनों तथा फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के अल्पकालिक शैक्षणिक आदान-प्रदान की भी व्यवस्था की गई है। दोनों विश्वविद्यालय ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग, शिक्षार्थी सहायता प्रणाली, गुणवत्ता आश्वासन तथा लर्निंग डेटा विश्लेषण से संबंधित श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और अनुभवों को साझा करेंगे। यह समझौता हस्ताक्षर की तिथि से आगामी पाँच वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा पारस्परिक सहमति से इसमें संशोधन एवं विस्तार भी किया जा सकेगा। एमओयू पर कोरिया नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से प्रो. किम जोंगहो (अध्यक्ष) एवं प्रो. जंग से-यून (डीन, ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स) तथा उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी एवं कुलसचिव श्री खीमराज भट्ट ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगा तथा शिक्षकों, शोधकर्ताओं और शिक्षार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर सीखने और शोध के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी भविष्य में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान-विनिमय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ सुनिश्चित करेगी।