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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का दीक्षारम्भ कार्यक्रम हरिद्वार स्थित एसएमजेएन पीजी कॉलेज में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया

Dikshant
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का दीक्षारम्भ कार्यक्रम हरिद्वार स्थित एसएमजेएन पीजी कॉलेज में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना तथा अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय एवं प्रेरणादायक बन गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी ने विश्वविद्यालय की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से कोई भी व्यक्ति, कहीं से भी और किसी भी समय उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) को 50% तक पहुंचाने में मुक्त विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि संस्थान गुणवत्तापरक, सरल और सुलभ शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों को परामर्श सत्रों तथा विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से संचालित पाठ्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. अजय पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय आज के समय में एक वरदान के समान है, जो सभी को आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने एसएमजेएन कॉलेज में मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र की स्थापना को गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि इस अध्ययन केंद्र के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को मुक्त विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों को नियमित परामर्श सत्रों एवं उचित मार्गदर्शन के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही समय-समय पर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन से छात्रों की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध होने से हरिद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा। कार्यक्रम का सफल संचालन डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय माहेश्वरी ने किया। इस अवसर पर अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. शिव कुमार चौहान, श्री विनय थपलियाल, डॉ. ऋचा मिनोचा, डॉ. रिंकल गोयल, डॉ. गीता साह, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. विजय कुमार शर्मा, डॉ. कविता छाबड़ा, डॉ. यादवेंद्र सिंह, डॉ. वैभव बत्रा, डॉ. हरीश जोशी सहित अनेक शिक्षक एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक किया, बल्कि मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा के नए अवसरों को भी उजागर किया।