हिमालयी विकास पर कार्यशाला में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी जी ने रखे विचार
हिमालयी विकास पर कार्यशाला में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी जी ने रखे विचार
पौड़ी (गढ़वाल)। गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (GBPIET) में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला “Sustainable Infrastructure & Disaster Risk Mitigation in the Himalaya: Preserving Culture and Tradition” में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के कुलपति प्रो. (डॉ.) नवीन चन्द्र लोहनी जी ने अतिथि (Guest of Honour) के रूप में सहभागिता करते हुए महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
एम.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो. लोहनी ने अपने संबोधन में हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास, आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और स्थानीय परंपराओं के समन्वय से ही पर्वतीय क्षेत्रों का संतुलित विकास संभव है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवाचार, शोध और समाजोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
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