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आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को कंप्यूटर विज्ञान विद्याशाखा द्वारा स्पोकन टुटोरियल, आईआईटी बॉम्बे एवं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सीका (CIQA) के संयुक्त तत्वावधान में आर प्रोग्रामिंग विषय पर एक दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को कंप्यूटर विज्ञान विद्याशाखा द्वारा स्पोकन टुटोरियल, आईआईटी बॉम्बे एवं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सीका (CIQA) के संयुक्त तत्वावधान में आर प्रोग्रामिंग विषय पर एक दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों को आधुनिक डेटा विश्लेषण तकनीकों तथा उभरती डिजिटल तकनीकों से अवगत कराना रहा ।
कार्यशाला में स्पोकन टुटोरियल, आईआईटी बॉम्बे से आईं श्रीमती आकांक्षा सैनी ने “भविष्य की तैयारी के लिए AI एवं ICT के माध्यम से शिक्षा में परिवर्तन” विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के समन्वित उपयोग से शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है।
कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से आईं डॉ. अनुपमा मिश्रा ने आर प्रोग्रामिंग के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों को डेटा विश्लेषण एवं सांख्यिकीय मॉडलिंग की व्यावहारिक उपयोगिता से परिचित कराया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने अपने संबोधन में वर्तमान समय में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं शोध कार्यों में आर प्रोग्रामिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक ओपन-सोर्स प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका उपयोग डेटा विश्लेषण, सांख्यिकीय मॉडलिंग तथा प्रभावी डेटा विज़ुअलाइज़ेशन के लिए व्यापक रूप से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में नई तकनीकों एवं उभरते आईटी क्षेत्रों पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षकों एवं शोधार्थियों की डिजिटल दक्षता को बढ़ाया जा सके।
कार्यशाला में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पन्त वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। उन्होंने आर सॉफ्टवेयर की मूलभूत अवधारणाओं, डेटा हैंडलिंग एवं डेटा विश्लेषण पर विस्तृत चर्चा की। वहीं सीका (CIQA) के निदेशक प्रो. गिरिजा पांडे ने आधुनिक शिक्षा एवं शोध कार्यों में डेटा विश्लेषण की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डिजिटल युग में डेटा आधारित निर्णय-निर्माण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
डॉ. अनुपमा मिश्रा द्वारा विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शोधार्थियों को आर प्रोग्रामिंग विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय एवं स्पोकन टुटोरियल, आईआईटी बॉम्बे के मध्य एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर भी किए गए, जो भविष्य में शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. बालम सिंह दफौटी द्वारा किया गया। कंप्यूटर विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. जीतेंद्र पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला में अकादमिक निदेशक प्रो. पी. डी. पन्त, प्रो. डी. एस. फर्स्वाण, प्रो. रेनू प्रकाश सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।