डॉ. प्रियंका शर्मा ‘यंग वूमेन साइंटिस्ट अचीवमेंट अवार्ड 2025’ से सम्मानित
डॉ. प्रियंका शर्मा ‘यंग वूमेन साइंटिस्ट अचीवमेंट अवार्ड 2025’ से सम्मानित
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी की वनस्पति विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं प्रतिभावान वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका शर्मा को वर्ष 2025 का ‘यंग वूमेन साइंटिस्ट अचीवमेंट अवार्ड’ द्वारा सम्मानित किया गया है| यह प्रतिष्ठित सम्मान देहरादून में 28 से 30 नवम्बर 2025 तक आयोजित उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन 2025 में माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री पुष्कर सिंह धामी जी , विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह , राज्य सभा सांसद माननीय श्री नरेश बंसल एवं यूकोस्ट के महानिदेशक द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया, जिसका आयोजन ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया था।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो नवीन चन्द्र लोहनी, पंतनगर विश्वविद्यालय के माननीय प्रो मनमोहन सिंह चौहान, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के चेयरमेन डॉ कमल घनशाला सहित अनेक विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य मंच से डॉ. प्रियंका शर्मा के वैज्ञानिक योगदान और अनुसंधान कार्यों की सराहना की गई, विशेषकर वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में उनके नवीन शोधों को उल्लेखनीय बताते हुए उन्हें भविष्य की प्रेरक युवा वैज्ञानिक के रूप में सम्मानित किया गया।
डॉ. प्रियंका शर्मा प्राकृतिक औषधि खोज (Natural Drug Discovery) के क्षेत्र की एक प्रतिभाशाली एवं सक्रिय शोधकर्ता हैं, जिन्होंने पौध विज्ञान के माध्यम से नई औषधीय संभावनाओं पर महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने वर्ष 2021 में कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के डी.एस.बी. परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग से प्रोफेसर सुषमा तमता के निर्देशन तथा डॉ. सुभाष चंद्रा (सह-निर्देशक), एस.एस.जे. विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के सहयोग से पीएच.डी. पूर्ण की।
उनके शोध कार्य में इन सिलिको, इन विट्रो एवं इन विवो सभी स्तरों पर व्यापक अध्ययन शामिल है। डॉ. शर्मा ने उच्च-प्रभाव वाले SCI जर्नलों—जैसे Scientific Reports, Elsevier, और Taylor & Francis—में 30 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। उन्होंने छह पुस्तक अध्याय भी लिखे हैं। उनके शोध कार्य को अब तक 1100 से अधिक उद्धरण मिल चुके हैं, जिसमें उनका h-index 15 और i10-index 23 है, जो उनके उत्कृष्ट शोध प्रभाव को दर्शाता है।
पीएच.डी. के उपरांत उन्हें भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), नई दिल्ली द्वारा रिसर्च एसोसिएटशिप फेलोशिप प्रदान की गई, जो उनकी वैज्ञानिक क्षमता और शोध संभावनाओं का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
वर्तमान में डॉ. प्रियंका शर्मा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के वनस्पति विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में सेवाएँ दे रही हैं। उनके नवाचारी शोध दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप उन्हें दो पेटेंट—एक अंतरराष्ट्रीय डिज़ाइन पेटेंट और एक यूटिलिटी पेटेंट—प्राप्त हुए हैं, जो Computational Drug Discovery जैसे जटिल एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को दर्शाते हैं।
वर्ष 2025 में उन्होंने उत्तराखंड काउंसिल फ़ॉर बायोटेक्नोलॉजी, हल्दी, पंतनगर द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मौखिक प्रस्तुति (Oral Presentation) में प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। यह उपलब्धि उनके शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध निष्ठा और निरंतर प्रगति का प्रमाण है।
डॉ. प्रियंका शर्मा अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों, नवाचारी सोच और प्रखर शोध क्षमता के माध्यम से युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। उनका कार्य उत्तराखंड सहित पूरे देश में वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
पुरस्कार प्राप्ति पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी, कुलसचिव डॉ. खेमा राज भट्ट तथा विश्वविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों ने अत्यन्त हर्ष व्यक्त किया। सभी ने डॉ. प्रियंका शर्मा को उज्ज्वल भविष्य, प्रगतिशील शैक्षणिक करियर और वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएँ दीं।
डॉ. प्रियंका शर्मा का यह सम्मान न केवल उनके परिश्रम और समर्पण की पहचान है, बल्कि विश्वविद्यालय और उत्तराखंड राज्य के लिए भी गौरव का विषय है।
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