नवाचार और सक्रियता से परिपूर्ण रहा कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी का पहला माह
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने आज अपने कार्यकाल का एक माह पूरा कर लिया। 24 जुलाई 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रो. लोहनी ने नवाचार और सक्रियता के माध्यम से विश्वविद्यालय को नई दिशा देने की शुरुआत की है। इस एक माह की अवधि में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी विस्तार और सामाजिक पहुंच जैसे तीनों मोर्चों पर ठोस एवं उल्लेखनीय पहल की है।
पद संभालते ही कुलपति ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी पहाड़ और मैदानी इलाकों के हाशिये पर खड़े उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना जो अब तक उच्च शिक्षा से वंचित रहे। इसके लिए तीन चरणों में राज्य के कोने-कोने तक विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों को पहुँचाने का अभियान शुरू किया गया. अपने कार्यकाल की पहली बड़ी पहल के रूप में कुलपति प्रो. लोहनी ने विश्वविद्यालय के गोद लिए गाँव बसानी में पहुँचकर ग्रामीणों को शिक्षा, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के समाधान में सहयोग का आश्वासन दिया। यह पहल विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
प्रचार अभियान को नए स्तर पर ले जाते हुए सभी पाठ्यक्रमों के प्रमोशनल वीडियोज तैयार किए गए, जिनमें क्यूआर कोड की सुविधा से विद्यार्थी घर बैठे प्रवेश ले सकते हैं। दो चरणों के प्रचार अभियान में गढ़वाल और कुमाऊँ के मैदानी और पर्वतीय अंचलों को शामिल किया गया। इसी क्रम में बंगाल इंजीनियरिंग बटालियन, रुड़की के साथ एमओयू कर सेना से जुड़े युवाओं तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में भी ठोस पहल हुई।
विश्वविद्यालय की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। पहले दिन शोधार्थियों पर केंद्रित चर्चा, दूसरे दिन विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श और तीसरे दिन स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव को ऐतिहासिक बना दिया। इसी दौरान राज्य सरकार ने हर जनपद में शैक्षणिक केन्द्र स्थापित करने की घोषणा की और इनके संचालन की जिम्मेदारी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को सौंपी। दो अनुभवी महिला कुलपतियों को आमंत्रित कर विश्वविद्यालय ने गुणवत्ता उन्नयन की दिशा में ठोस सुझाव प्राप्त किए। वेबसाइट, पाठ्य सामग्री और छात्र मेंटरशिप पर विशेष ध्यान देने की पहल की गई। सामुदायिक रेडियो को इंटरनेट रेडियो और मोबाइल एप के रूप में विकसित कर विश्वविद्यालय ने शिक्षार्थियों को कहीं से भी जुड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई। पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के प्रतीक स्वरूप प्रो. लोहनी ने पत्रकारों के साथ नियमित संवाद की परंपरा शुरू की। दो प्रेस वार्ताओं में उन्होंने विश्वविद्यालय की योजनाओं और उपलब्धियों को साझा किया। महिला अध्ययन प्रकोष्ठ के माध्यम से महिला शिक्षा की दिशा में भी नए कदम उठाए गए।
कुलपति प्रो. लोहनी की सक्रियता से न केवल विश्वविद्यालय की राज्य स्तरीय पहचान मजबूत हुई बल्कि विद्यार्थियों के बीच विश्वास और आत्मीयता का वातावरण भी निर्मित हुआ। इंटरनेट रेडियो, प्रचार अभियान, सामुदायिक संवाद, महिला सशक्तिकरण, गुणवत्ता आश्वासन और सामाजिक साझेदारी जैसे कदमों ने विश्वविद्यालय को नई दिशा और विश्वसनीयता प्रदान की है।
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