आईपीसी की धाराएं में किसी नोवल की तरह पढती हूं मानविकी के विषय बचपन से मेरे पसंदीदा विषय थे पर समाज व परिवार के दबाव के चलते जिंदगी का लगभग एक चौथाई फीजिक्स, मैथ्स पढ़ने व ट्यूशन जाने में बिता दिया। बीएससी प्रथम वर्ष के बाद अंततः मैंने निर्णय लिया और बीए में दाखिला लिया। आज में अपनी पंसद के विषय पढ़ रही हूं खुद को तमाम माध्यमों से अभिव्यक्त कर रही हूं। ये कहना है ज्योति भट्ट का जो कि लॉ में स्नातक हैं। कहानियां लिखती है, यू ट्यूबर हैं। पहाड़ी स्टैंड अप कॉमेडियन हैं। बहुत संवेदनशील और जुझारू व्यक्तित्व की धनी हैं। आज विस्तार से सुनते हैं बहुत तेजी से उभरती इस कलाकार की कुछ बातें आपकी रेडियो मित्र सुनीता भास्कर के साथ में।
Misal-Bemisal with Jyoti bhatt .mp3

