किसी देश या राज्य के शासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार की आवश्यकता पड़ती है। सरकार ही वह यन्त्र होता है जो राज्य के उद्देश्यों या लक्ष्यों को अमली जामा पहनाता है। अपने उत्तरदायित्वों का वहन करने के लिए सरकार शासन कार्यों को अपने तीन अंगों में बाँटकर उन्हें पूरा करने का प्रबन्ध करती है। सरकार के तीन अंग - व्यवस्थापिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका होते हैं। इन तीनों अंगों में व्यवस्थापिका ही सरकार का सर्वोच्च अंग है। व्यवस्थापिका का प्रमुख कार्य सरकार के लिए कानून या विधि-निर्माण का कार्य करना है। अध्यक्षात्मक सरकार में तो विधायिका इस कार्य को स्वतन्त्रतापूर्वक करती है, लेकिन संसदीय प्रजातन्त्र में यह कार्य कार्यपालिका के साथ मिलकर किया जाता है। व्यवस्थापिका के विषय में विस्तार से जानकारी लेकर आ रही हैं उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग से डॉ० आरुशी।
व्यवस्थापिका - परिचय.mp3

